रविवार को दिल्ली मे प्रस्तावित रैली को सफल बनाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ताओ का होगा महाजुटान।
पटना : देश की राजधानी दिल्ली मे रविवार को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली “वोट चोर गद्दी छोड़” की सफलता को लेकर कार्यकर्ताओ का महाजुटान शुरू हो चुका है। इस बीच बिहार की राजधानी पटना से सैकड़ो कार्यकर्ताओ का जत्था शनिवार को दिल्ली पहुँच गया।
इस मामले की जानकारी पटना महानगर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शशि रंजन ने प्रेस बयान जारी किया है। जारी किए गए प्रेस बयान के मुताबिक 14 दिसंबर को रामलीला मैदान में आयोजित “वोट चोर गद्दी छोड़” रैली में शामिल होने पटना जिला से सैकड़ो कार्यकर्त्ताओ का जत्था आज दिल्ली पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे जनमत और वास्तविक जनादेश को प्रभावित कर भाजपा सरकार द्वारा प्रायोजित जनादेश है। बिहार को जनतंत्र की जननी कहा जाता है और इस प्रजातंत्र की बुनियाद जनता के विश्वास पर टिकी है लेकिन इस चुनाव में भिन्न ऐजेंसियों की मदद से ऐसा नहीं होने दिया गया।

चुनाव के ऐन मौके पर जीविका दीदीयों के सहयोग से हर विधानसभा क्षेत्र में तकरीबन करोड़ो रूपये रोजगार संवर्धन की आड में मतदान के एक दिन पहले वितरण किए गए चुनाव आयोग ने इस पर चुप्पी साध लिया।स्पेशल इंटेनशिव रिवीजन में बड़ी तादाद में ओबीसी, एससी – एसटी (ST/SC) माइनॉरिटी के वोटरों का नाम हटाया गया। एक ही पते पर अस्वाभाविक रूप से बड़ी संख्या में लोग वोटर लिस्ट में पाए गए ।
इससे संबंधित शिकायतों की अनदेखी की गई। एस आई आर से जुड़ी प्रक्रियाओं पर आम जनता सवाल उठा रहे जिसे लगातार अनसुना किया गया । वही बूथ लेवल अधिकारियों के दुरुपयोग की खबरों से आम जनता पूरी तरह अवगत है मगर चुनाव आयोग इस संबंध में मौन है। प्रजातंत्र की बुनियाद जिन खंभों पर टिकती है उसे जर्जर करने के प्रयास एनडीए (NDA) सरकार द्वारा सतत जारी हैं।
एनडीए (NDA) शासन के इस दौर में चुनाव आयोग द्वारा संचालित चुनावों में न तो लेवल फिल्ड दिखता है, नही Transparency और Accountability नजर आते हैं। इन्ही मसलों पर हिन्दुस्तान की आम जनता को जोड़ने और जगाने हेतु दिल्ली में 14 दिसंबर का बड़ा कार्यक्रम किया जा रहा।
प्रजातंत्र के हमलावरों को जब तक हम कांग्रेसी तोडेंगे नहीं तब तक हम लोग उन्हें छोडेंगे नहीं।
