मुजफ्फरपुर (बिहार) : समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सोमवार को जिले में चल रही रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की और कार्यों की अद्यतन प्रगति का जायजा लिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भू-अर्जन कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को विशेष रुचि लेकर परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही छोटी-मोटी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का भी निर्देश दिया।
तीन प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्य रूप से तीन रेल परियोजनाओं पर चर्चा हुई —
- मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी दोहरी रेल लाइन परियोजना
- मुजफ्फरपुर–सुगौली दोहरी रेल लाइन परियोजना
- छपरा–मुजफ्फरपुर नई रेल लाइन परियोजना
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा इस संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि जिले में तीनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान की कार्रवाई जारी है।
मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी दोहरीकरण: इस परियोजना के तहत कुल निहित रकबा 9.42 एकड़ है। अधियाचना प्राप्ति की तिथि 18 सितंबर, 2026 और अधिसूचना की तिथि 05 अक्टूबर, 2026 है। इसमें छपरा मुबारक, झपहां (चा.-4), शाहपुर मुतालुके अहियापुर तथा धरहरवा उर्फ परिधरहरवा मौजा शामिल हैं। अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिन बाद धारा 20डी के तहत अधिघोषणा का प्रकाशन किया जाएगा।
मुजफ्फरपुर–सुगौली दोहरीकरण: इस परियोजना के तहत कुल 39.83 एकड़ भूमि निहित है, जिसमें से 38.04 एकड़ भूमि पर दखल-कब्जा की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। अब तक 53.70 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जिसमें से 40.21 करोड़ रुपये हितबद्ध रैयतों के बीच वितरित किए जा चुके हैं। मोतीपुर से संबंधित पंचाट को प्राधिकार न्यायालय में हस्तांतरित किया गया है, जबकि महवल (चा.-1) मौजा में भू-धारकों द्वारा भुगतान नहीं लेने के कारण लगातार शिविर आयोजित कर मुआवजा भुगतान किया जा रहा है।
छपरा–मुजफ्फरपुर नई रेल लाइन: इस परियोजना के लिए कुल निहित रकबा 138.34 एकड़ है। उप मुख्य अभियंता, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर से प्राप्त अधियाचना के आलोक में सात मौजों में पंचाट घोषणा तक और सात मौजों में अधिघोषणा प्रकाशन तक की कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि रेलवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अच्छी प्रगति है और जिला प्रशासन द्वारा रेलवे को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा, “हर एक स्टेकहोल्डर यथा हितबद्ध रैयतों, आम जनता, क्रियान्वयन एजेंसियों सहित सभी को विश्वास में लेते हुए योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।”
उन्होंने बताया कि वे स्वयं नियमित रूप से परियोजना स्थलों का भ्रमण कर कार्यों का निरीक्षण करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को रेलवे के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को तत्परता से पूरा करने का निर्देश दिया।
