बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन सुल्तानगंज–अगुवानी गंगा महासेतु का किया निरीक्षण और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

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महासेतु निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : मुख्य सचिव, बिहार सरकार

नवंबर 2027 तक महासेतु का निर्माण पूर्ण कर आम जनता को समर्पित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है : नवीन कुमार, जिलाधिकारी

खगडिया ( बिहार) : शनिवार को बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन सुल्तानगंज- अगुवानी गंगा महासेतु का निरीक्षण किया । वही निरीक्षण के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ हाईलेवल समीक्षात्मक बैठक कर कार्य प्रगति का जायजा लिया। हेलिपैड पर लैंडिंग के बाद जिलाधिकारी नवीन कुमार, विधायक बाबूलाल सौर्य एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बुके भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद मुख्य सचिव को पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, गति और निर्धारित समयसीमा को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि महासेतु निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिलाधिकारी नवीन कुमार, एसपी राकेश कुमार, गोगरी एसडीओ संजय कुमार, एसडीपीओ साक्षी कुमारी सहित अभियंता, प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि शेष डिजाइनों की स्वीकृति इस माह के अंत तक मिल जाएगी और निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नवंबर 2027 तक महासेतु का निर्माण पूर्ण कर आम जनता को समर्पित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महासेतु चालू होने के बाद खगड़िया, भागलपुर, सुल्तानगंज और मुंगेर के बीच आवागमन बेहद आसान हो जाएगा तथा उत्तर और दक्षिण बिहार के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

विधायक बाबूलाल सौर्य ने कहा कि मुख्य सचिव का दोबारा निरीक्षण सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि महासेतु क्षेत्र के विकास की नई धुरी बनेगा और आपसी सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक संबंधों को नई मजबूती देगा। साथ ही अगुवानी घाट और कसरैया धार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
मुख्य सचिव के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। प्रशासनिक सतर्कता और सख्त समीक्षा से अब लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से प्रतीक्षित महासेतु जल्द ही हकीकत का रूप लेगा।

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