सभी विश्वविद्यालयों में 05 फरवरी को धरना और 10 फरवरी से अनिश्चितकालीन आंदोलन की फैक्टनेब ने दी चेतावनी

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खबर एक्सप्रेस बिहार न्यूज24, राज्य मुख्यालय, पटना : सूबे के करीब पच्चीस हजार शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अपने विभिन्न माँगो के समर्थन मे सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है। आज रविवार को बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) की राज्य समिति की बैठक हिन्दी साहित्य सम्मेलन सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक मे शिक्षक नेताओ ने सर्वसम्मति से कई अहम निर्णय लिए गए।

हमारे प्रतिनिधी डॉ. रुद्र किंकर वर्मा ने राज्य मुख्यालय से खबर दी है कि बिहार राज्य के पच्चीस हजार शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी 5 फरवरी को राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के मुख्यालयों पर धरना और प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद, 10 फरवरी से 14 फरवरी तक पटना में धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, और आगामी बजट सत्र के दौरान अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन एवं घेराव किया जाएगा। यह आंदोलन संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षाकर्मियों की लंबित मांगों को लेकर किया जाएगा, जिसमें वेतन- संरचना निर्धारित करने, प्रतिमाह वेतन भुगतान और अन्य कई जरूरी सुधारों की मांग की जा रही है।

बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

यह महत्वपूर्ण निर्णय बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) की राज्य समिति की बैठक में लिया गया, जो आज हिन्दी साहित्य सम्मेलन सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा ने की और प्रमुख पदाधिकारियों ने आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति तैयार की।

हस्ताक्षर अभियान और जनसहयोग

बैठक के दौरान फैक्टनेब के महासचिव प्रो. राजीव रंजन और मीडिया प्रभारी प्रो. अरुण गौतम ने बताया कि 5 दिसंबर से चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के तहत अब तक लगभग 50,000 हस्ताक्षरित कागजात विश्वविद्यालय, जिला और महाविद्यालयों के पदाधिकारियों से प्राप्त किए गए हैं। यह अभियान व्यापक जनसहयोग से लगातार चलाया जा रहा है, और इसके जरिए शिक्षकों और कर्मचारियों की मांगों को अधिक मजबूती से उठाया जा रहा है।

बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख लोग

बैठक में राज्य महासंघ के पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न विश्वविद्यालयों, जिलों और महाविद्यालयों से सौ से अधिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। डॉ. शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा, प्रो. राजीव रंजन, प्रो. अरुण गौतम, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. कुमार राकेश कानन, डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह, प्रो. श्रवण कुमार, प्रो. नसीम रेजा खान, डॉ. अरविन्द कुमार पाण्डेय सहित अन्य ने बैठक को संबोधित करते हुए आंदोलन को और तीव्र करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य मांगें

  1. वेतन संरचना का निर्धारण: शिक्षाकर्मियों के लिए एक उचित वेतन संरचना निर्धारित की जाए, जिससे उन्हें प्रतिमाह वेतन का भुगतान नियमित रूप से किया जा सके।
  2. अनुदान राशि का बजटीय प्रावधान: लंबित अनुदान राशि का बजटीय उपबंध सुनिश्चित किया जाए और एकमुश्त राशि शिक्षाकर्मियों के बैंक खातों में दी जाए।
  3. महंगाई के अनुसार राशि में वृद्धि: 2008 में निर्धारित राशि को महंगाई के मद्देनजर बढ़ाया जाए। स्नातक प्रथम, द्वितीय और तृतीय खण्ड में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की वास्तविक संख्या के आधार पर प्रति छात्र राशि में वृद्धि की जाए।
  4. स्नातक और इंटर खण्ड के लिए अधिकतम सीमा का समाप्ति: परीक्षा परिणाम आधारित वेतनमद सहायक अनुदान राशि के लिए स्नातक खण्ड हेतु एक करोड़ पचास लाख रुपए और इंटर खण्ड हेतु पचास लाख रुपए की अधिकतम सीमा को समाप्त किया जाए।
    चार दशकों से जारी संघर्ष
    शिक्षाकर्मी इन मांगों को लेकर पिछले चार दशकों से चरणबद्ध तरीके से संघर्षरत हैं। फैक्टनेब महासंघ का उद्देश्य इन मुद्दों का समाधान करवाना है ताकि शिक्षाकर्मियों को उनके अधिकार और उचित सम्मान मिल सके। इस आंदोलन के माध्यम से महासंघ इन समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से प्रस्तुत करेगा और अपनी जायज मांगों को लेकर निर्णायक कदम उठाएगा।
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